Panchtantra ki kahaniyan new: HOW ant saved dove? (Hindi Story)
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नदी की धारा में बहती चींटी को देखकर पेड़ पर बैठा कबूतर एक पत्ता गिराता है। चींटी उसके सहारे किनारे पहुँचती है। कुछ देर बाद शिकारी कबूतर पर निशाना साधता है तो वही नन्ही चींटी खतरा पहचान लेती है।
चींटी और कबूतर की इस हिंदी नीति कथा में मदद लौटने का सुंदर प्रसंग देखिए। छोटी-सी चींटी की समय पर की गई कोशिश कबूतर को उड़ने का अवसर देती है। दया और मित्रता का अर्थ केवल बड़े काम नहीं, जरूरत के क्षण में किसी का साथ देना भी है।
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Hindi transcript
The narration as spoken, from the caption track uploaded with this video.
- 0:00 नदी के किनारे एक बड़े पेड़ पर एक बूढ़ा कबूतर रहता था।
- 0:06.258 वह बहुत दयालु था, और हमेशा दूसरों की मदद करने को तैयार रहता था।
- 0:12.192 बूढ़ा हो जाने के कारण अब वह ज़्यादा दूर नहीं उड़ पाता था।
- 0:17.37 इसलिए वह दिन भर उसी पेड़ की एक डाल पर बैठा रहता था।
- 0:22.98 उसका स्वभाव इतना अच्छा था कि बाकी पक्षी उसे कुछ न कुछ खाने को दे जाते थे।
- 0:29.94 एक दिन पेड़ के सारे पक्षी अपने-अपने भोजन की तलाश में निकल गए।
- 0:36.252 पूरे पेड़ पर अकेला वही बूढ़ा कबूतर बैठा रह गया।
- 0:40.89 तभी उसने देखा कि नदी की धारा में एक नन्ही चींटी बही जा रही है।
- 0:47.31 चींटी बार-बार बाहर निकलने की कोशिश करती, पर धारा उसे फिर खींच लेती।
- 0:53.784 दयालु कबूतर ने झट से एक हरा पत्ता तोड़कर पानी में गिरा दिया।
- 1:00.636 चींटी उस तैरते पत्ते पर चढ़ गई और धीरे-धीरे किनारे आ पहुँची।
- 1:07.272 सूखी ज़मीन पर पहुँचकर नन्ही चींटी ने राहत की साँस ली।
- 1:13.044 कुछ देर बाद चींटी ने देखा कि एक शिकारी उसी पेड़ के पास आ पहुँचा।
- 1:19.788 वह अपने हाथ में पत्थर लेकर बैठे हुए कबूतर पर निशाना लगा रहा था।
- 1:25.506 रुको! मेरे दयालु मित्र को मत सताओ!
- 1:28.917 उसने ज़ोर से एक डंक चुभा दिया, जिससे शिकारी का निशाना चूक गया।
- 1:35.013 आहट पाते ही कबूतर घबराकर उड़ा और सुरक्षित दूर जा बैठा।
- 1:40.947 इस तरह एक छोटी-सी चींटी ने अपने उपकारी मित्र की जान बचा ली।
- 1:47.313 सच ही कहा गया है — परोपकार और दयालुता कभी व्यर्थ नहीं जाती।
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- 1:58.749 ऐसी ही और मज़ेदार कहानियों के लिए हमारे साथ बने रहिए, धन्यवाद।