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Sher Aur Chuha | The Lion and the Mouse, a Moral Story

Published 2026-09-068:41Full story

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About this video

A rope net traps the lion. The mouse he once spared brings help. Sher Aur Chuha is a lion and mouse story where one small act of kindness returns when a powerful king is trapped. This lion and mouse story begins with an old king resting beneath a banyan tree and a tiny mouse looking for mischief. The mouse runs across the lion's back and wakes him. The lion could punish the smaller animal, but compassion wins. He lifts his paw, lets the mouse go, and laughs kindly when his new friend promises to repay the favor one day. The very next morning, hunters hide a heavy rope net across the lion's usual path. Strength only pulls the knots tighter. When the lion's call reaches the mouse's burrow, the little friend does not hesitate. He gathers a group of mice, races to the trapped king, and starts cutting through the thick ropes. Tiny teeth accomplish what the lion's power cannot, and the promise that once sounded impossible becomes real. Sher Aur Chuha is a warm animal fable about kindness, gratitude, and refusing to judge anyone by size. A generous choice returns when it is needed most, but the rescue also works because the mouse asks his community to help. That makes the story more than a simple lesson about one unlikely hero. It is also about friendship, cooperation, and respecting abilities that look small from far away. Which matters more in the rescue, the lion's earlier mercy or the mice working together? Chapters 0:00 Meet the Lion King 0:21 A Kind Forest 1:32 The Mouse's Mischief 2:39 Mercy Wins 4:17 A Promise Made 5:18 The Hunter's Net 6:21 Tiny Teeth at Work 7:22 Friendship and Moral KiddoTunes Studio: Animated Indian mythology and epic stories, retold for every age. 📺 New story every week. Subscribe: https://www.youtube.com/@KiddoTunesStudio Instagram: https://www.instagram.com/kiddotunesstudio/ Facebook: https://www.facebook.com/profile.php?id=61586698360805 #KiddoTunesStudio #HindiStory #LionAndMouse #MoralStory #AnimalFable #KiddoTunesStudio

Story guide

Why the Lion Spared the Mouse: A Parent's Guide to a Fable of Kindness

Hindi transcript

The narration as spoken, from the caption track uploaded with this video.

  1. 0:04.088 यह कहानी है एक हरे-भरे जंगल की, जहाँ बरसों पहले एक बूढ़ा शेर रहता था।
  2. 0:10.13 और यह कहानी है एक नन्हे से चूहे की भी, जिसने एक दिन उसी बड़े शेर की ऐसी मदद कर दी, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी।
  3. 0:21.171 उस घने जंगल में ऊँचे-ऊँचे पेड़ थे, दिन भर हर तरफ़ ठंडी छाँव रहती थी, और बीचों-बीच साफ़ पानी की एक नदी बहती थी, जहाँ सुबह-शाम जंगल के सारे जानवर मिलकर पानी पीने आया करते थे।
  4. 0:35.213 उसी जंगल का राजा था वह बूढ़ा शेर। उसकी अयाल अब सफ़ेद हो चली थी, उसकी चाल पहले से धीमी पड़ गई थी, पर उसका मन आज भी उतना ही कोमल, उतना ही सीधा और उतना ही दयालु था।
  5. 0:50.255 वह किसी को बेवजह डराता नहीं था, किसी छोटे जानवर पर कभी गुस्सा नहीं करता था, और जंगल के हर छोटे-बड़े जीव की बात बड़े ध्यान से, बड़े धीरज के साथ बैठकर सुना करता था।
  6. 1:03.296 इसीलिए जंगल के सारे जानवर उससे बहुत प्यार करते थे। हिरण, खरगोश, बंदर, गिलहरी और रंग-बिरंगे पंछी, सब उसे अपना सबसे भला और सबसे समझदार राजा मानते थे।
  7. 1:18.338 उसकी दयालुता की चर्चा सिर्फ़ इसी एक जंगल तक नहीं रुकी थी, बल्कि नदी के पार, पहाड़ों के उस तरफ़, दूर-दूर के जंगलों तक फैल चुकी थी, और हर कोई उसकी तारीफ़ किया करता था।
  8. 1:32.38 एक दिन दोपहर की तेज़ धूप थी। सुबह से पूरे जंगल का चक्कर लगाने के बाद थका हुआ बूढ़ा शेर एक बड़े पेड़ की ठंडी छाँव में जाकर बैठा, और थोड़ी ही देर में गहरी नींद सो गया।
  9. 1:47.421 तभी वहाँ से एक नन्हा-सा चूहा गुज़रा। जंगल के राजा को इतने आराम से, इतनी गहरी नींद में सोते देखकर उसकी शरारती आँखें चमक उठीं, और उसे मन ही मन एक मस्ती सूझ गई।
  10. 2:01.463 अरे वाह! ये तो खुद जंगल के महाराज हैं, और देखो तो सही, कितनी मीठी नींद में सो रहे हैं। चलो आज ज़रा इनके साथ थोड़ी मस्ती करके देखते हैं, बहुत मज़ा आएगा!
  11. 2:12.505 चूहा दबे पाँव, धीरे-धीरे चलता हुआ शेर के बिल्कुल पास पहुँचा। कुछ पल वह उसे चुपचाप देखता रहा, फिर हिम्मत जुटाकर एक ही छलाँग में उसकी नरम पीठ पर चढ़ गया।
  12. 2:25.546 अब वह उसकी चौड़ी पीठ पर इधर से उधर दौड़ने लगा। कभी वह ख़ुशी से नाचता, कभी ज़ोर से उछलकर कूदता, और अपनी इस शरारत पर बार-बार खिलखिलाकर हँसता चला जाता।
  13. 2:38.588 इतनी देर की उछल-कूद के बाद जंगल के राजा की नींद आख़िर खुल ही गई। उसने धीरे से अपनी आँखें खोलीं, थोड़ी सी गर्दन घुमाई, और अपनी पीठ की ओर देखा।
  14. 2:51.63 वहाँ एक नन्हा-सा चूहा बड़े मज़े में उछल रहा था। शेर ने बहुत आराम से अपना चौड़ा पंजा उठाया और उस शरारती चूहे को बिल्कुल हल्के से उसके नीचे रोक लिया।
  15. 3:04.671 अरे नन्हे! सोते हुए किसी की नींद खराब करना अच्छी बात तो नहीं है। आज तो तुम्हें अपनी इस शरारत की एक छोटी-सी सज़ा मिलनी ही चाहिए, तभी तुम्हें कुछ समझ आएगा।
  16. 3:15.713 जंगल के राजा की यह बात सुनते ही नन्हे चूहे की घबराहट बहुत बढ़ गई। उसकी छोटी-छोटी आँखों में आँसू भर आए, और वह काँपती हुई आवाज़ में गिड़गिड़ाने लगा।
  17. 3:27.755 महाराज, मुझे इस बार माफ़ कर दीजिए! मैं तो बस खेल रहा था। मुझे सचमुच नहीं पता था कि आप इतनी गहरी और इतनी मीठी नींद में सो रहे हैं। अब कभी ऐसा नहीं करूँगा।
  18. 3:38.796 चूहे की काँपती हुई आवाज़ और उसकी भीगी हुई नन्ही आँखें देखकर बूढ़े शेर का कोमल मन उसी पल पिघल गया, और उसके चेहरे की सारी सख़्ती एक झटके में गायब हो गई।
  19. 3:51.838 वह तो अपनी दयालुता के लिए ही दूर-दूर के जंगलों में प्रसिद्ध था। भला वह इतने नन्हे से जीव को किसी भी तरह की कोई हानि कैसे पहुँचाता। यह तो उसके स्वभाव में था ही नहीं।
  20. 4:04.88 उसने मुस्कुराते हुए अपना बड़ा पंजा धीरे से हटा लिया, और नन्हे चूहे को बिना कोई नुकसान पहुँचाए, बड़े प्यार के साथ वहीं का वहीं आज़ाद कर दिया।
  21. 4:16.921 पंजे के नीचे से बाहर निकलते ही चूहे ने राहत की एक लंबी साँस ली। फिर उसने अपना छोटा-सा सिर ऊपर उठाया और बड़े आदर के साथ जंगल के राजा की ओर देखा।
  22. 4:30.963 महाराज! आज आपने मुझ पर जो इतना बड़ा एहसान किया है, उसका बदला मैं एक दिन ज़रूर चुकाऊँगा। यह इस नन्हे से चूहे का आपसे पक्का वादा रहा, याद रखिएगा।
  23. 4:42.005 इतने छोटे से जीव के मुँह से इतनी बड़ी बात सुनकर बूढ़ा शेर ज़ोर से हँस पड़ा, और उसकी वह गहरी हँसी पूरे जंगल में दूर तक गूँजती चली गई।
  24. 4:54.046 भला तुम जैसा नन्हा जीव मुझ जैसे जंगल के राजा की कभी क्या मदद कर पाएगा? पर तुम्हारी यह बात मुझे बहुत प्यारी लगी। जाओ, खुश रहो, मेरे नन्हे दोस्त।
  25. 5:05.088 चूहा मुस्कुराता हुआ अपने बिल की ओर लौट गया, और बूढ़ा शेर भी एक बार फिर उसी पेड़ की ठंडी छाँव में आराम से बैठकर सुस्ताने लगा, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
  26. 5:18.13 पर समय ने अगले ही दिन एक ऐसा अनोखा खेल दिखाया, जिसकी उम्मीद न तो उस बूढ़े शेर को थी, और न ही जंगल के किसी दूसरे जानवर को कभी रही होगी।
  27. 5:29.171 अगले दिन सुबह-सुबह कुछ शिकारी उस जंगल में आए, और उन्होंने पेड़ों के बीच, रोज़ के रास्ते के ठीक ऊपर, एक बहुत बड़ा और बहुत मज़बूत जाल चुपचाप बिछा दिया।
  28. 5:42.213 बूढ़ा शेर हर रोज़ की तरह उसी जाने-पहचाने रास्ते से निकला, और उसे पता ही नहीं चला कि आगे कोई जाल बिछा हुआ है। देखते ही देखते वह पूरा का पूरा उस जाल में उलझ गया।
  29. 5:55.255 उसने उस जाल से बाहर निकलने की बहुत कोशिश की, कभी इधर ज़ोर लगाया, कभी उधर ज़ोर लगाया, पर जाल की मोटी रस्सियाँ हर कोशिश के साथ और ज़्यादा कसती चली गईं।
  30. 6:09.296 दूर खड़े शिकारी जंगल के राजा को इस तरह जाल में फँसा हुआ देखकर बहुत खुश हो रहे थे। वे आपस में बातें करते हुए आराम से शाम होने का इंतज़ार करने लगे।
  31. 6:21.338 तभी बूढ़े शेर की एक ज़ोरदार पुकार पूरे जंगल में दूर तक गूँज उठी। वही आवाज़ अपने बिल में बैठे उस नन्हे चूहे के छोटे-छोटे कानों तक भी जा पहुँची।
  32. 6:33.38 अरे, यह तो महाराज की आवाज़ है! ज़रूर वे किसी बहुत बड़ी मुश्किल में फँस गए हैं। मुझे अभी, इसी वक़्त, दौड़कर उनके पास पहुँचना होगा। एक पल भी देर नहीं करनी है!
  33. 6:45.421 चूहा अपना बिल छोड़कर तेज़ी से उसी दिशा में दौड़ पड़ा, और रास्ते में उसने अपने सारे नन्हे साथियों को भी ज़ोर-ज़ोर से पुकार लिया कि सबको मिलकर चलना है।
  34. 6:57.463 कुछ ही देर में नन्हे चूहों की एक पूरी टोली शेर के चारों ओर पहुँच गई। बिना एक पल गँवाए उन्होंने अपने छोटे-छोटे दाँतों से जाल की मोटी रस्सियाँ काटनी शुरू कर दीं।
  35. 7:10.505 एक-एक करके रस्सियाँ टूटती चली गईं, जाल धीरे-धीरे ढीला पड़ता गया, और आख़िरकार बूढ़ा शेर उस बड़े जाल में से बिल्कुल सही-सलामत बाहर निकल आया।
  36. 7:22.546 बाहर आते ही बूढ़े शेर को उस नन्हे चूहे का किया हुआ वह वादा याद आ गया, जिस पर वह उस दिन ज़ोर से हँसा था। उसकी बड़ी-बड़ी आँखें कृतज्ञता से भर उठीं।
  37. 7:34.588 नन्हे दोस्त, उस दिन मैं तुम्हारी बात पर हँसा था। और आज तुमने सचमुच अपना वादा निभाकर मुझे जीवन की सबसे बड़ी सीख दे दी है। मैं यह कभी नहीं भूलूँगा।
  38. 7:45.63 उस दिन के बाद जंगल का वह बूढ़ा राजा और वह नन्हा चूहा हमेशा के लिए एक-दूसरे के पक्के दोस्त बन गए, और उनकी दोस्ती की कहानी पूरे जंगल में मशहूर हो गई।
  39. 7:58.671 इस कहानी की सबसे बड़ी सीख यही है कि किसी को भी छोटा या बिना काम का नहीं समझना चाहिए, क्योंकि हर छोटे से छोटे जीव में भी कुछ न कुछ ख़ास ज़रूर होता है।
  40. 8:10.713 कौन कब, किसके काम आ जाए, यह बात पहले से किसी को भी पता नहीं होती। और जो दयालुता आज किसी को दी जाती है, वह किसी न किसी दिन लौटकर ज़रूर वापस आती है।
  41. 8:23.755 बूढ़े शेर और नन्हे चूहे की यह प्यारी कहानी यहीं पूरी होती है। अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी हो, तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर कर लीजिए।